कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि
मेरे बारे में
श्री ब्रह्मशंकर शास्त्री ने उपनिषद , भारतीय दार्शनिक ग्रन्थों ब्रह्मसूत्र आदि ) तथा श्रीमद्भगवद्गीता जैसे मूलभूत आध्यात्मिक ग्रन्थों पर 100 से अधिक पुस्तके लिखी हैं ।